iWorld
STAGE पर पंजाबी की धमाकेदार एंट्री, कंपनी का अगला लक्ष्य लोकल कहानियों को ग्लोबल पहचान दिलाना है
हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी, गुजराती, मराठी, बंगाली और हिन्दी के बाद स्टेज ने पंजाबी में लॉन्च की सेवाएं, अब कुल आठ भाषाओं में उपलब्ध
नई दिल्ली: देश में तेज़ी से अपनी ग्लोबल पहचान की ओर बढ़ रहे ओटीटी प्लेटफॉर्म स्टेज ने पंजाबी भाषा में अपनी सेवाएं लॉन्च कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस लॉन्च के साथ ही स्टेज अब कुल आठ भाषाओं में उपलब्ध हो गया है। हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी, गुजराती, मराठी, बंगाली और हिन्दी के बाद पंजाबी की एंट्री के साथ कंपनी ने साफ कर दिया है कि उसका अगला लक्ष्य देश की अन्य बोलियों के साथ–साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराना है।
आठवां वादा, आठवीं भाषा नहीं
स्टेज के लिए हर नई भाषा सिर्फ एक और वर्टिकल नहीं, बल्कि एक वादा होती है, उन करोड़ों दर्शकों से किया गया वादा, जिन्होंने अब तक अपनी मातृभाषा में अपनी कहानी स्क्रीन पर नहीं देखी थी। पंजाबी लॉन्च के साथ कंपनी ने अपना यह आठवां वादा निभाया है। पंजाब की रूह, उसकी शान और उसका ठाठ अब बड़े परदे की भाषा में नहीं, बल्कि पंजाब की अपनी असली आवाज़ में दर्शकों तक पहुंचेगा।
सात भाषाओं की सीढ़ी, एक क्रांति की नींव
हरियाणवी से शुरू हुआ यह सफर आज आठ भाषाओं तक पहुंच चुका है। हर भाषा के लॉन्च के साथ स्टेज ने साबित किया है कि क्षेत्रीय कंटेंट कोई समझौता नहीं, बल्कि एक ताक़त है। राजस्थानी, भोजपुरी, गुजराती, मराठी, बंगाली और हिन्दी में सैकड़ों घंटों का मौलिक कंटेंट बना चुका स्टेज अब पंजाबी में भी वही भरोसा दोहराने की तैयारी में है। ज़मीन से जुड़ी कहानियां, स्थानीय कलाकार और असली भाषा में असली मनोरंजन।
पंजाब की रूह, अब स्टेज की आवाज़
पंजाबी सिर्फ एक भाषा नहीं, एक मिज़ाज है, जोश का, दरियादिली का और ज़िंदादिली का। स्टेज पंजाबी वर्टिकल के तहत आने वाले समय में ऐसी कहानियां लेकर आएगा जो पंजाब के गांवों, शहरों और वहां के लोगों की असली धड़कन को बयां करेंगी। कंपनी का मकसद साफ है, पंजाबी दर्शकों को वह कंटेंट देना, जो सिर्फ उनकी भाषा में नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति और भावनाओं में भी उतना ही गहरा हो।
“पंजाब क्रांतिकारियों की मिट्टी है” – विनय सिंघल
पंजाबी लॉन्च के मौके पर स्टेज के को–फाउंडर व सीईओ विनय सिंघल ने कहा, “पंजाब की मिट्टी क्रांतिकारियों की मिट्टी है, बदलाव की मिट्टी है। यह देश का ऐसा राज्य है, जहां एग्रीकल्चर भी है और कल्चर भी। यहां की खान–पान की विविधता और संस्कृति की अपनी अलग पहचान है। हमें बेहद गर्व है कि पंजाब ने स्टेज को चुना।”
वहीं कंपनी के को–फाउंडर व चीफ कंटेंट ऑफिसर प्रवीण सिंघल ने कहा, “पंजाबी हमारे लिए सिर्फ एक नई भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों से किया गया एक वादा है। हर भाषा के साथ हमने यही सीखा है कि असली क्रांति तब आती है, जब आप लोगों को उनकी अपनी भाषा में उनकी अपनी कहानी दिखाते हैं। पंजाब की ज़िंदादिली को स्टेज पर लाना हमारे लिए गर्व की बात है, और यह हमें अपने राष्ट्रीय विस्तार के लक्ष्य के और करीब ले जाता है।”
गांव से ग्लोबल तक का सफर
स्टेज देश के जाने–माने एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स में से एक है, लेकिन इसका अंदाज़ बाकी प्लेटफॉर्म्स से बिल्कुल अलग है। यहां गांव, गली–मोहल्लों की कहानियां दर्शकों को उन्हीं की भाषा में मिलती हैं। स्टेज के आने के बाद कैमरा शहरों से गांवों की ओर शिफ्ट हो गया है। कहानियों के साथ–साथ स्टेज अत्याधुनिक इन–हाउस एआई फिल्ममेकिंग तकनीक में भी काफी आगे है। स्टोरी से लेकर डबिंग तक पूरी प्रोडक्शन प्रक्रिया को कवर करते हुए कंपनी ₹1 लाख से भी कम लागत में एक पूरी एआई फिल्म तैयार कर सकती है। “कंपनी नहीं, हम क्रांति हैं” — इसी सोच के साथ स्टेज भारत की हर भाषा और बोली को वह मंच देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी वह हकदार है।




